ऋतु बसंत आये सतगुरु जग में, चलो चरनन पर सीस धरो री॥
राधा स्वामी सत्संग, दयालबाग के अनुयायियों द्वारा प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी 23 जनवरी को वसंत उत्सव अत्यंत हर्ष, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। यह उत्सव महाराष्ट्र और गुजरात के 16 केंद्रों में एक साथ आयोजित किया गया, जहाँ बच्चों, पुरुषों और महिलाओं ने वसंत ऋतु के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को दर्शाते हुए विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर प्रत्येक स्थानीय शाखा में सत्संग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, योग अभ्यास एवं शारीरिक प्रदर्शन जैसे विविध आयोजन किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में अनुयायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दयालबाग, आगरा में भव्य आयोजन
वसंतोत्सव का मुख्य और भव्य आयोजन राधा स्वामी सत्संग दयालबाग के आगरा स्थित केंद्र में किया गया, जहाँ जिम्नास्टिक्स 2026 का अद्भुत और अनुशासित प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम कौशल, अनुशासन और सामूहिक चेतना का सशक्त उदाहरण बना।
परमपूज्य गुरु महाराज प्रो. प्रेम सरन सत्संगी की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया। उनके सान्निध्य में नवयुवकों एवं नवयुवतियों ने अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अनुशासन और कौशल का अद्भुत संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन मार्च-पास्ट एवं बैनर प्रदर्शन से हुआ। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक मोबिलाइजेशन अभ्यास प्रस्तुत किया। आगे-पीछे की रोलिंग, संयुक्त रोलिंग, क्रो वॉक, ब्रिज फॉर्मेशन, हैंड-स्टैंड, कार्ट-व्हील, सिंगल-हैंड कार्ट-व्हील, स्लो हैंड-स्प्रिंग और हैंड-स्टैंड ओवर-रोल जैसे जिम्नास्टिक करतबों ने दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।
जिम्नास्टिक्स प्रदर्शन में दृष्टि, निज, शब्द, प्रेम, अनमोल, यश, निमित, आरत, बिंती, विधि, आदि, चेतन, अपार, शुभांशु, कोमल, अक्षय सिंह, ज्योति एवं सोहंग सत्संगी सहित अनेक प्रतिभागियों ने पैरेलल बार, हॉरिजॉन्टल बार, रस्सी चढ़ाई, रिंग्स तथा जंप्स (बैक फ्लिप, समर सॉल्ट, टाइगर जंप) में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दो से आठ बालकों तक के पिरामिड और एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
योग, संस्कृति और अनूठी प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम की एक विशेष झलक सुसज्जित ऊंटों की सहभागिता रही, जिसने आयोजन को अनोखा और यादगार बना दिया। इसके साथ ही सरलीकृत योगासन श्रृंखला में पद्मासन, शीर्षासन और मयूरासन सहित विभिन्न आसनों का सामूहिक प्रदर्शन किया गया, जिसमें शारीरिक संतुलन के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुशासन की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
हर प्रस्तुति पर दर्शकों की तालियों की गूंज खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाती रही। पूरा आयोजन अनुशासन, समर्पण और सामूहिक भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बना।
580 से अधिक केंद्रों पर लाइव प्रसारण
उल्लेखनीय है कि यह संपूर्ण आयोजन दयालबाग के ई-सत्संग केसकेड के माध्यम से देश-विदेश के 580 से अधिक केंद्रों पर लाइव प्रसारित किया गया, जिससे लाखों सत्संगी इस पावन अवसर से जुड़ सके।
कार्यक्रम का समापन प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके पश्चात सभी उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया।
बसंत की बहार के बीच आयोजित यह जिम्नास्टिक्स प्रदर्शन दयालबाग में आस्था, कौशल और सामूहिक चेतना का अनुपम संगम बनकर उभरा।
—रिपोर्ट प्रस्तुतकर्ता : अमित भटनागर, अहमदाबाद शाखा